बाल श्रम का मतलब ऐसे कार्य से है ,जिसमे की कर्य करने वाला व्यक्ति कानुनन निर्धारित आयु सीमा से कम उम्र का होता है। भारत में बाल श्रम की कानुनन आयु 18 वर्ष निर्धारित है। इस प्रथा को समाप्त करने के लिए भारत सहित अंतर्राष्ट्रीय समुदाय व्यापक स्तर पर प्रयास कर रहा है । वास्तव में देखा जाए तो यह प्रथा समाजिक, नैतिक या मानवीय स्तर पर बहुत ही निंदनीय है।
प्रायः बाल श्रम कई रुपों में दिखाई पढ़ता है। जिसमे कुछ बाल वेश्या वृस्ति, माता पिता के व्यापार में मदद,स्वंय का लघु व्यावसाय या अन्य छोटे- मोटे काम करना कई बार बच्चे पर्यटको के लिए बाल गाइड का भी काकम करते है। इसके अलावा होटलों में वेटर के रूप में बर्तन धोने में भी इनके श्रम का प्रयोग होता है। कई बार इन्हें बंधुआ मजदूरो के रूप में कारखानों,फैक्ट्रीयों और घरो में भी कार्य पर लगाया जाता है।बदले में इन्हें घाटियाँ किस्म का खाना एवं बेहद कम वेतन दिया जाता है। इन्हें इनके मुल अधिकारों जैसे शिक्षा,स्वास्थ्य, चिकित्सा इत्यादी से भी अलग रहना पड़ता है।
बाल श्रम का प्रमुख कारण माता पिता की गरीबी को ही माना जाता है। किन्तु आज सरकार तरह-तरह के कानून बनाकर बाल श्रम को रोकने का प्रयास कर रही है। हमें भी लोगो की जागरुकता फैला कर सरकार द्वारा प्रदान मुफ्त चिकित्सा , शिक्षा और गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमो को लोगो तक पहुचना चाहिए । हम दृढ निशचय करते है की हम इस कुप्रथा को समाप्त करने में सरकार की मदद करेंगे और समाज में अपनी सार्थक भगीदारी सूनिश्चित करेंगे ।
प्रायः बाल श्रम कई रुपों में दिखाई पढ़ता है। जिसमे कुछ बाल वेश्या वृस्ति, माता पिता के व्यापार में मदद,स्वंय का लघु व्यावसाय या अन्य छोटे- मोटे काम करना कई बार बच्चे पर्यटको के लिए बाल गाइड का भी काकम करते है। इसके अलावा होटलों में वेटर के रूप में बर्तन धोने में भी इनके श्रम का प्रयोग होता है। कई बार इन्हें बंधुआ मजदूरो के रूप में कारखानों,फैक्ट्रीयों और घरो में भी कार्य पर लगाया जाता है।बदले में इन्हें घाटियाँ किस्म का खाना एवं बेहद कम वेतन दिया जाता है। इन्हें इनके मुल अधिकारों जैसे शिक्षा,स्वास्थ्य, चिकित्सा इत्यादी से भी अलग रहना पड़ता है।
बाल श्रम का प्रमुख कारण माता पिता की गरीबी को ही माना जाता है। किन्तु आज सरकार तरह-तरह के कानून बनाकर बाल श्रम को रोकने का प्रयास कर रही है। हमें भी लोगो की जागरुकता फैला कर सरकार द्वारा प्रदान मुफ्त चिकित्सा , शिक्षा और गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमो को लोगो तक पहुचना चाहिए । हम दृढ निशचय करते है की हम इस कुप्रथा को समाप्त करने में सरकार की मदद करेंगे और समाज में अपनी सार्थक भगीदारी सूनिश्चित करेंगे ।



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