Wednesday, 11 May 2016

खेल हुआ जुआ

खेल को खेल की नजरो में गिरा दिया है। हम बात कर रहे है हुखेल की जो की लोगो का  बहुत ही बढ़िया टाइमपास होता है।हम बात करते है आज से 10 साल पहले की लोग खेल का लाभ उठाते थे और आपना मनोरंजन करते थे लेकिन जैसे जैसे हमारा देश विकास कर रहा है उसी प्रकार खेल के विकास में भी वृद्धि हो रही है। इन 10 सालो में बहुत कुछ बदल सा गया है उसी तरह हमारी देश की जनता में भी बद्लाव हो रहा हैं। आज के समय में खेल को खेल की नज़र से नही बल्कि कमाई का जरिया बना लिया है । आज कल के बच्चे तक जानते है की मैच फिक्सिंग क्या होता है और इसी तरह हेर मैच पे  जुआ खेलते है जो की बहुत बुरी आदत है ।आज के समय में ऐसा कोई खेल नही ही जिसमे जुआ ना खेला जाता हो लेकिन सबसे जादा क्रिकेट पे जूवा हो रहा है।
            हाल ही में जो IPL मैच चल रहे है जिसे बहुत ही पसंद किया जाता है क्युकी ये बहुत ही कम समय में खतम हो जाता है तो जनता इसे बहुत पसंद करने लगी है। लेकिन पसंद करने के साथ ही साथ सबसे जादा जुआ खेले  जाने वाला खेल भी हो गया है । आप लोग समझ ही रहे होंगे की क्या कहना चाहता हु। तो आप सभी येही कहना चाहता हु की खेल को खेल की नज़रिए स देखे । खेल को बाज़ार का विस्तार बना देना बहुत ही गलत बात है । हमे हमेशा खेल की इज्ज़त करना चहिये और खेल का मनोरंजन क साथ लाभ उठाना चहिए।

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