आज कल बात चल रही है की हमारे देश को स्मार्ट कंट्री बनाने की और काफी चेर्चा हो रही है । एक ऐसी जिंदगी हर कोई चाहता है की वो जो चाहए उसे सब कुछ मिल जाये बिना किसी मेहनत के बिना किसी भाग दौड़ के ना तो किसी की शिफारिश की ज़रूरत पड़े सब कुछ ऑनलाइन उपलब्ध हो। बिजली , पानी , पर्यावरण , सुरक्षा , और आधुनिक सुविधाए उपलब्ध हो ऐसा सोचना गलत नही होगा । जहा ना कोई रोक टोक करने वाला हो जहां हर शहर हर गाँव को मनुष्य के विचारो को उच्च स्तर से जोड़े। लेकिन ऐसा सोचना और करना सिर्फ उन लोगो को फय्देमंद होगा जो पहले से ही स्मार्ट है । जो लोग शहर में रह रहे है उन्हें तो ये सारी सुविधाए मिल ही रही है लेकिन सोचने की बात ये है की क्या हमारे देश कुछ शहर स्मार्ट हो जाने से हमारा समाज भी स्मार्ट हो जायगा तो ऐसा सोचना बिलकुल ही गलत होगा । आज भी हमारे देश में ऐसे बहुत से पिछड़े गाँव है जंहा आधे से जादा को पढाई के बारे में नही पता और अगर जानते भी है तो वो पढना नही चाहते ऐसे बहुत से गाँव है जो सिक्षा से परे है ना तो वहा बिजली है न तो कोई विद्यालय है । आज भी हमारे देश में ऐसे बहुत से गरीब लोग है जिनको एक समय का खाना तक नही नसीब होता कुछ तो ऐसे है जो की ₹80, ₹100 में आपने परिवार का पेट पलने में लगे रहते है। स्मार्ट शहर में रहने वाले लोग जाहिर है वो स्मार्ट ही होंगे तो ऐसे में हमारे देश के गाँव का विकास कैसे होगा गाँव में सही से मोबाइल फ़ोन तक सही से नही चलाने नही आता ना सही से नेटवर्क आता है तो कैसे वह क लोग स्मार्ट बन्यंगे जहां आज के समय में सब कुछ ऑनलाइन की सुविधा हो गई ही। हमारा देश ऐसा देश है जहां जनसँख्या बढती चली जा रही है और उसको रोकने का कोई उपाए नही किया जा रहा है ना ही कोई स्कूल का ना ही रहने के ठिकाने का तो ऐसे कैसे समाज स्मार्ट हो पायगा?
शहर स्मार्ट बने जन सुविधाए बेहतर हो और आम नागरिक का जीवन सुखमय हो येही तो विकास का पैमाना है । हमारे एहा आज भी सिक्षा , स्वास्थ्य ,संचार आम लोगो के पास किस तरह स उपलब्ध है हम सभी जानते है और आने वाले समय में किस तरह उपलब्ध होंगे , स्मार्ट बनने के यह कुछ मुख्य कारन होंगे। स्मार्ट सिटी को ले कर जो सोचा जा रहा है क्या उससे एक भ्रम पैदा हो रहा है ? की जो हम तरीके आपना रहे ही स्मार्ट बनने के लिए वो सही भी है की नही । हमारे एहा दिन प्रतिदिन सिक्षा बिगडती चली जा रही है तो समाज आने वाले कुछ सालो बाद स्मार्ट कैसे बन पायगा। हम देखते किसान पैसे के लिए सब्जियों में दवाइयां मिलाते है खाने की चीज़ तक ज़हरीली हो गई है तो सबसे पहले इस्पे चिंता करना चाहिए की सामज में स्मार्ट सुधर कैसे होगा।
शहर स्मार्ट बने जन सुविधाए बेहतर हो और आम नागरिक का जीवन सुखमय हो येही तो विकास का पैमाना है । हमारे एहा आज भी सिक्षा , स्वास्थ्य ,संचार आम लोगो के पास किस तरह स उपलब्ध है हम सभी जानते है और आने वाले समय में किस तरह उपलब्ध होंगे , स्मार्ट बनने के यह कुछ मुख्य कारन होंगे। स्मार्ट सिटी को ले कर जो सोचा जा रहा है क्या उससे एक भ्रम पैदा हो रहा है ? की जो हम तरीके आपना रहे ही स्मार्ट बनने के लिए वो सही भी है की नही । हमारे एहा दिन प्रतिदिन सिक्षा बिगडती चली जा रही है तो समाज आने वाले कुछ सालो बाद स्मार्ट कैसे बन पायगा। हम देखते किसान पैसे के लिए सब्जियों में दवाइयां मिलाते है खाने की चीज़ तक ज़हरीली हो गई है तो सबसे पहले इस्पे चिंता करना चाहिए की सामज में स्मार्ट सुधर कैसे होगा।
Sunder chintan
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