तजुर्बे ने एक बात सिखाई है ...
किसी की गलतियों को बेनक़ाब ना कर ,
'इश्वर' बैठा है , तू हिसाब ना कर .....
...
कई जीत बाकी है .....
अभी तो पूरी जिंदगी का सार बाकी है ....
यहाँ से चले है नई मंजिल के लिए ,
ये एक पन्ना था अभी तो पूरी किताब बाकी है ....
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